कोरोना वैश्विक महामारी को देखते हुय प्लाज्मा बैंक राज्य में बनना चाहिए- डॉ. सुनील

DrSunilSingh

बीएमपी टाइम्स, पटना। कोरोना अपने पाव पसार रहा है। दुनियाभर के तमाम देशों के साथ साथ भारत में भी कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ रहे हैं। राज्य में लगातार कोरोना पॉजटिव के केस बढ़ रहे है। बीमारी का Epidemiological prediction  सटीक नहीं बैठ रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बिहार के वाइस प्रेजिडेंट डॉ. सुनील कुमार सिंह ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी को देखते हुय प्लाज्मा बैंक राज्य में बनना चाहिए। जिसको लेकर  मुख्यमंत्री बिहार को पत्र भी लिखा है। कोरोना किस करवट लेगा वे अभी पता नहीं है। बिहार में भी कोरोनावायरस किस तरह से करवत लेगा वे अभी पता नहीं है। बिहार में हमलोगों के लिए देश से पहले ही लॉकडाउन माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने कर दिया था,जिससे हमलोगों ने बीमारी को जानने का, पहचाने का और प्रिपेयरनेस का समय मिला जो यह एक सकारात्मक  कदम था। जागरूकता के अलावा सुबे में डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बने जिस में बेड, चिकित्साकर्मी, ऑक्सीजन ,उपकरण आदि से सुसज्जित किये गये। लेकिन जैसा कि आजकल के विज्ञान के नय तकनिक में प्लाज्मा थेरेपी का बडा रोल है। कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी काफी कारगर सिद्ध हो रही है। मरीजों की सहायता के लिए लोग प्लाज्मा दान भी कर रहे हैं। खून से लिया हुआ प्लाज्मा एक दिन में दोबारा से बन जाता है। इसलिए यह काफी जरूरी है कि जो लोग कोरोना से ठीक हुए हैं, वे अपना प्लाज्मा दान करें, जिससे अन्य रोगियों के इलाज में भी सहायता मिल सके।  हम लोगों को जरूरत है बिहार में प्लाज्मा बैंक बनाने कि ताकि जब जरूरत पडे तो हमारे पास प्लाज्मा रहे। जो कोरोना विजेता है उन्हें पंजीकृत करे और उन्हें प्लाज्मा को दान करने के लिए प्रेरित करे, और राज्य सरकार इस आशय का एक हेल्थ प्रोग्राम बनाये। अगर हामारे राज्य में कोरोनावायरस पाव पसारेगा तो हम लोग प्लाज्मा बैक का सहायता ले सके।  

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