मध्यप्रदेश : BJP ने राजभवन में कराई 106 विधायकों की परेड, भाजपा की याचिका सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई

बीएमपी टाइम्स, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में बहुमत परीक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तरफ से सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की गई है। इस पर अब मंगलवार को सुनवाई होगी। दूसरी ओर, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में 106 भाजपा विधायकों की परेड राज्यपाल लालजी टंडन के आवास पर कराई गई है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने 106 विधायकों की राज्यपाल के सामने परेड करवाई और समर्थन की सूची सौंपी है। इस दौरान राज्यपाल टंडन ने विधायकों को भरोसा देते हुए कहा कि वह संविधान के अनुसार कार्रवाई करेंगे। विधायकों के अधिकारों का हनन नहीं होगा। राज्यपाल से मुलाकात के बाद बीजेपी ओर से कहा गया कि हमने राज्यपाल को सूचित किया कि आपके आदेश का पालन नहीं हुआ है। राज्यपाल से मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कमलनाथ की सरकार अल्पमत में है। इसलिए वे रणछोड़ बन रहे हैं। कमलनाथ सरकार टाइम काटू बन गई है। अस्थिर सरकार भी कोरोना से नहीं बचा सकता है। इससे पहले मध्य प्रदेश में सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद फ्लोर टेस्ट नहीं हाे पाया है। क्योंकि विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने राज्यपाल लालजी टंडन के अभिभाषण के बाद विधानसभा का बजट सत्र 26 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है। बजट सत्र स्थगित करने को कारण काेरोना वायरस बताया गया है। अब कमलनाथ सरकार को 26 तक अपनी सरकार बचाने का समय मिल गया है। भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के राजभवन पहुंचने से पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मेरे राज्यपाल से अच्छे संबंध हैं, हमने राजनीति पर कोई बात नहीं की। इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल को लिखे पत्र में मौजूदा परिस्थितियों में फ्लोर टेस्ट कराए जाने को अलोकतांत्रिक बताया है। भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के राजभवन पहुंचने से पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की। 

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